नंदिनी की रचना में सबसे बड़ा आभार कुमाऊं गढ़वाल का है, जिस भूमि के प्रति मेरा अलग ही अनुराग है…
मेरे जीवनसाथी के योगदान का क्या ही ज़िक्र करूं, बस इतना के मेरे सारे अनुष्ठानों में उनका अटूट साथ सबसे पहले है…मेरी बेटी, जो मेरी मित्र ज़्यादा है, उसके प्रोत्साहन का शुक्रिया…
मेरे पिता, जिनके जीवनदर्शन के धनात्मक दृष्टिकोण का मेरे ऊपर बड़ा गहरा प्रभाव रहा है और जिनको मैंने ज़िंदगी को हर पल जीते हुए देखा है…
मैं अपने समस्त बड़े परिवार का भी बड़ा शुक्रगुज़ार हूं, जिन्होंने हर विषम परिस्थिति में बड़ा साथ दिया…
क़िताब के “Cover Page” के चित्रण का श्रेय श्री सपन गुप्ता, जो मेरे मित्रवर प्रमोद सिन्हा के साथी हैं, को जाता है जिन्होंने मेरे इक इसरार पर ये स्केच तैयार कर दिया…
और सबसे ज़्यादा मैं अपने ख़्वाबों का बेहद शुक्रगुज़ार हूं, ग़र इतने ख़ूबसूरत ना होते तो हम क्या ही कर पाते…
“मनुशरद”
Copyright © by Manish Kumar Srivastava