धड़कनों में ज़िंदा!!!
अच्छा ख़ासे परेशान हैं तबसे,जानने लगे हैं ख़ुद को जबसे, ख़ूब भाती हैं वो बातें हमको,जिनमें हमें छोड़ दूसरे हों फंसे, तबियत ख़राब हो गई …
अच्छा ख़ासे परेशान हैं तबसे,जानने लगे हैं ख़ुद को जबसे, ख़ूब भाती हैं वो बातें हमको,जिनमें हमें छोड़ दूसरे हों फंसे, तबियत ख़राब हो गई …
बात बात पर,कभी कभी हर बात पर,आंख भर आती है,ये परेशानी का सबब है?या मेरी नादानी गज़ब है… सारी सारी रात,कभी कभी दिन के बाद …
पाँच दहाइयां बीत गईं इंतेज़ार में कि मज़ा आयेगा, हर सुबह ये आशा आज के दिन की अभिलाषा कि आज मज़ा आएगा…आज, आजतक आया ही …
इक दिन कहा उसने अपने आप से…जो हो रहा है सदियों से हम जैसों के साथ रे…अब वाबस्ता हो गया वो सब हमारे ज़हन में …
कभी कभी अपने पर यकीं करने में,जाने क्यों किसी का दख़ल चाहते हैं, मेहनत से बनाई हुई इस ज़िंदगी में,किसी की तौसीक़ क्योंकर चाहते हैं, …
दीवार पे चींटी देख कहते हैं,हमारे घर है हाथी आया! दाना ले जाती चींटी से बोले,हाथी जैसा क्योंकर खाया! लगी सोचने कुछ कहा नहीं,वो अपनी …
गुज़र रहे थे उस गली,जो थी वीरान पड़ी,सामने थी वो खड़ी,अकस्मात् देख उसे,हमने पूछा कौन हो,वो बोली…ज़िंदगी!हमने कहा किसकी?वो बोली…तुम्हारी… हाथ पैर कांपने लगे,सिहरन सी …
सुबह से रात बीच शाम होती है,ज़िंदगी ख़बरों में तमाम होती है, वक़्त की मियाद तय है आख़िर,फ़िज़ूल ख़र्ची देख हैरान होती है, हां हैं …
काठ चिरैय्या इक बना,बढ़ई ने दो पंख दिए लगा,कान में उसके जा फूंका,उड़ जा दूर कहीं उड़ जा,वो जा बैठी देख दरख़्त बड़ा… ऊपर से …
कुछ दीवानों का साथ अज़्मत है,कोई बात है उनमें जो शानदार है, कहीं से कहीं खींची बातों में,जो मुज़्मर है, वही यादगार है, तजवीज़े मिली …