ज़िंदगी की सरजमीं पर...
होली के रँग!!!
होली के रँग!!!

होली के रँग!!!

आज रंग तन मन,
रंग भरो अंतर्मन,
मन से मन संगम,
हृदय बने विहंगम,

आज कर अर्पण,
अहंकार भरा मन,
होली हो राधे संग,
हर दृश्य मनोरम,

मुरलीधर वृंदावन,
बसे हर राधा मन,
अद्भुत है ये संगम,
बिरज में होली रंग,

गोपियां ग्वाले संग,
ढोलक थाप मृदंग,
भीग रहा अंग अंग,
टेसू, गुलाल के रंग,

आज रंग मन मगन,
मन  उमंग हर क्षण,
बढ़ चढ़ करो दहन,
सर चढ़ा हुआ अहम,

अहं का होलिका दहन,
सुंदर लगने लगा हर मन,
फाल्गुन की फुहार,
बसन्त का आगमन…

लहलहाती धरा,
पीताम्बर फैला,
उजाला हर दम,
उजाला हर मन,
होली खेलें सब मिल…

“मनुशरद”

Copyright © by Manish Kumar Srivastava

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