दिवाली आयी है,
हमने सजाई है,
अपने द्वारे पे,
चौखट चौबारे पे,
घर के अंदर में,
मन के मंदिर में,
जी के समंदर में,
घर को संवारेंगे,
चौक बनायेंगे,
लड़ियां लगायेंगे,
अंतर् मन जगायेंगे,
मन बसे अह्मरावण को,
जतन कर के निकालेंगे,
किंतु मात्र अह्मरावण को,
और सीखेंगे रावण से,
भक्ति में है उद्धत शक्ति,
उससे उत्त्पन्न ऊर्जा से,
मन के दुश्मन मारेंगे,
दुश्मन तो मन अह्म है,
बाक़ी तो सब भरम है,
इंद्रियों पे जीत पाएंगे,
इंद्रियों से जीत जाएंगे,
फिर आवाह्न करेंगे,
प्रार्थना सजायेंगे,
प्रभु को बुलाएंगे,
हृदय से हैं जानते,
प्रभु मान जायेंगे,
मां संग प्रभु आयेंगे,
ओतप्रोत हो जाएंगे,
हम दीवाली मनाएंगे…
“मनुशरद”
Copyright © by Manish Kumar Srivastava
Bohat hi sundar shabd aur bhaav.. Aapki Diwali shubh rahe !!!