बर्फ़ के फ़ोहे,
पलकों पे ठहरे,
कितने सुंदर हैं,
दृश्य ये सुनहरे,
इस रचना में
खोये ना कैसे,
तारीख़ बदली,
नया कुछ करने,
नये हैं नज़रिये,
नये हैं फ़लसफ़े,
पुराने बने नये,
नई शुरुआत करें,
इस साल बोयें,
अमन की फ़सलें,
चमन खिलायें,
सुंदर से सुनहरे,
इस नये साल में,
चलो अहद लें
ख़ुद चैन से रहें,
और चैन से रहने दें,
“मनुशरद”
Copyright © by Manish Kumar Srivastava
अति सुंदर अभिव्यक्ति… धन्यवाद मित्र..
Nice l
Bohat hi sundar… Nav varsh ki bohat bohat Shubkamnaye !!!