ज़िंदगी की सरजमीं पर...
बम बम भोले!!!
बम बम भोले!!!

बम बम भोले!!!

बम बम भोले,
सुर सँगम हो ले,
ईश है संगीत,
ईश का संगीत,
चंहु ओर चहके,
गुलिस्ताँ महके,
ध्वनि मधुर डोले…

शिव शंकर शम्भू भोले,
जिया डोले हौले हौले,
डमरू तुम्हरा बाजे,
झूम कर ताँडव नाचे,
धरती हिले अम्बर कापें,
हृदयाकुल हृदय बोले,
मन महेश का हो ले,

तुम्हरी चाह है वाह,
तीनों लोक स्वाहा,
उद्गम तुम्ही, तुम्ही अंत,
तुममें निहित हर तंत्र,
आदि गुरु आदि संत,
भभूति आभूषित तुम,
गँगा जटा विभूषित तुम,

दूजा नाम नारि का ईश्वर,
बने हो तुम अर्धनारीश्वर,
वर्धमान, अर्ध चन्द्रेश्वर,
सदा सखा तुम हो सर्वेश्वर,
अखण्ड ज्योतिपुंज ज्ञानेश्वर,
त्रिलोकी त्रिलोक निर्भर,
सर्पलोक निर्वाण तुमपर…

मनुशरद करें हैं प्रार्थना,
अंत: करण से हर लेना,
तुम हो स्वामी हर जीवन के,
जननी के जन के जनजन के,
कर्म सिलसिला चलता रहे,
प्राणवायु तुम हर श्वास के,
जन आस्था जन विश्वास के….

“मनु शरद”

Copyright © by Manish Kumar Srivastava

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