ज़िंदगी की सरजमीं पर...
ठठा ठठा के!

क्या बताऊँ तुझे!!!

क्या बताऊँ तुझे,कैसे बताऊँ तुझे,के हर बार उस पार,लगती वहां नुमाइशें,पूरी होती फरमाइशें, चल ले चलूं तुझे,के हर पल यूं लगे,के जाना है उस पार,आते …