हैं हम आज़ाद!!!
ख़यालों की ग़ुलामी से हों आज़ाद,हो रही हो बुलंद हमारी आवाज़,अंदर धधकती सी हो हमारे आग,जिस वजह से सोते से जायें जाग, तो हम असल …
ख़यालों की ग़ुलामी से हों आज़ाद,हो रही हो बुलंद हमारी आवाज़,अंदर धधकती सी हो हमारे आग,जिस वजह से सोते से जायें जाग, तो हम असल …