ज़िंदगी की सरजमीं पर...
शायरी

महफ़िल!!!

रतजगा है आज महफ़िल में तेरी,आज जोग लगा है महफ़िल में तेरी, आज फिर होगी क़यामत से बातें,क़ायनात बिखरेगी महफ़िल में तेरी, तुझसे मुख़ातिब हैं …