हेमंत का आग़ाज़!!!
हल्क़ी भीनी मधम सी ठंड होने लगी,जिस्म औ रूह की मीठी जंग होने लगी, हेमंत की हवा मंद मंद सर्द होने लगी,रुख़ों की लाली ज़रा …
हल्क़ी भीनी मधम सी ठंड होने लगी,जिस्म औ रूह की मीठी जंग होने लगी, हेमंत की हवा मंद मंद सर्द होने लगी,रुख़ों की लाली ज़रा …
रिश्तों में सबसे अहम रिश्ता,सालाना जन्मदिवस मना रहा,हर औरत बनी है दुल्हन आज,आदमी दूल्हे सा है सज रहा, सुन कर के करवा की कथा,देखो चांद …
आगमन में राम के,तप कितने धाम के,पथ नहीं आराम के,जप है राम राम के,रावण हृदय मार के,स्वछंद हृदय वास रे,राम राम सियाराम रे,राम लखन हनुमान …
आमद हुई नया साल आया,स्वागत है नया साल आया,पुराना क्या है जो नया आया,नया क्या जो पहले ना पाया… जो गुज़र गया, वो अब गया,जो …