ज़िंदगी की सरजमीं पर...
मासूमियत!!!

नंदिनी: बारिश में!!! भाग २६

नंदिनी व प्रणय ने इस भरी बारिश में,इकदूजे को संभाला और घर को गये,दोनों ही थे घायल दोनों ही भीगे हुए,बूढ़ी अम्मा ने गर्म पानी …

नंदिनी: चोट लगी दिल पे!!!भाग २५

अब बहुत दूर आ गया प्रणय चलते चलते,जान तो थी पर पैर उसके अब थक से रहे,पहाड़ों में जबतक चलते रहो ठंड नहीं लगती,थोड़ा रुको …

नंदिनी: सिलसिले अनुराग के!!! भाग २४

नंदिनी अनिभिज्ञ की प्रणय है दादी के साथ,भाई के साथ जाने को हुई वो खजूरी खास,दो ढाई घंटे में पहुंच जाएगी वो दादी पास,उसे क्या …

नंदिनी: आगे राम ही जाने!!!भाग २३

कोई बात होती ही होगी मुहब्बत में,जागते हुए सोते नींद में जागते रहते,जबसे लगी है बला मज़ा ही अलग है,इस बेचैनी की ना दवा ना …

नंदिनी : हो सकता वो ना मिल सकें!!! भाग २२

क़रीब दस बारह महीने निकल चुके थे,प्रणय और नंदिनी के बीच सम्पर्क हुए,नंदिनी भी लगी हुई थी अपने काम में,महीना था मई का गर्मी थी …

नंदिनी : अनोखी अनुभूति!!! भाग २१

अभी भी बातें आंखों में चल रहीं थी,नंदिनी कहने को हुई फिर चुप रही,दादी के घर से चल तो पड़े थे दोनों,पर जाएंगें प्रणय के …

नंदिनी : रुख़सार पे लाली!!! भाग २०

तय हुआ कि नंदिनी जाएगी दादी घर,प्रणय ने कहा चलो चलें अब उधर,बात दोनों की फंसी हुई थी अधर,क्या जाने क़िस्मत ले जाएगी किधर,जीप चलाते …

नंदिनी : कहना है, कुछ सुनना है!!! भाग १९

प्रणय भी था परिपक्व बड़ा, कुछ नहीं बोला,उस घनेरे रास्ते में बस उसका मन रहता डोला,यक़ीन ख़ुद पर नंदिनी की बात सुनकर, आ गया,बिन बोले …

नंदिनी : कोई नाम ना दो!!! भाग १८

चार बजने को आये जब प्रणय ने पूछा,बाक़ी सब तो ठीक है जा रही थी कहां,यही सवाल नंदिनी के मन में भी गूंजा,पर प्रणय के …

नंदिनी : ऐसा भी होता है!!! भाग १७

आदित्य के जाने के बाद वो सोचती रही,क्या उसका व्यवहार ज़रा ठीक था नहीं,आख़िर दोस्ती में कोई बुराई तो नहीं,और है भी आदित्य बड़ा पदाधिकारी,हालांकि …