क़वा’इद!!!
कुछ क़वा’इदें साथ हैं ज़िंदगी के,कुछ मान्यताएं इंसा ख़ुद है बनाता, वक़्त, उम्र बताने से बाज़ नहीं आता,बेल के जैसे शरीर पर चढ़ता जाता, और …
कुछ क़वा’इदें साथ हैं ज़िंदगी के,कुछ मान्यताएं इंसा ख़ुद है बनाता, वक़्त, उम्र बताने से बाज़ नहीं आता,बेल के जैसे शरीर पर चढ़ता जाता, और …
ओस ठहरी टहनी पर,टहनी लोच से भर गयी,ज़रा सी हलचल हुई,ओस ज़मीं पे टिक गयी, ज़मीं भी लगी कहने,ठंड में क्यों कुड़क रही,ओस ने फिर …
राह चलते चलते हमें राम मिल गये,भाग्य में लिखा था, पहचान ना सके,हमको तो हर दिन ही राम मिलते रहे,आशंकित चित्त ने स्वीकार नहीं किये, …
आज इक सफ़र कीबात करता हूं,तुमसे जो पायाउसे बयां करता हूं,पायी है ज़ुबां,ज़ुबां खोलने की अदा,तलफ़्फ़ुस में इज़ाफ़ा,अदब का लिफ़ाफ़ा,और जाने क्या क्या, और ये …