ज़िंदगी की सरजमीं पर...
रौशनी!!!

शोर का सन्नाटा!!!

है ये शोर का सन्नाटा,यहां हर कोई भन्नाता,है ढपली है राग अपना,औ दूसरों पे चिल्लाता, है ये शोर का सन्नाटा… दरवाज़े पे कान लगाता,आवाज़ें सुन …

दिवाली शुभेक्षाएं!!!

दिवाली आयी है,हमने सजाई है,अपने द्वारे पे,चौखट चौबारे पे,घर के अंदर में,मन के मंदिर में,जी के समंदर में,घर को संवारेंगे,चौक बनायेंगे,लड़ियां लगायेंगे,अंतर् मन जगायेंगे,मन बसे …

आज़ादी!!!

ख़ुश हैं हम, अपने वतन में हैं हम,आज़ाद हैं हम, आबाद हैं हम,बस थोड़ा बहुत परेशान हैं हम,कुछ आदतें हैं जो बदलनी हैं,कुछ रवायतें हैं …