ठीक आछे!!!
ठीक आछे,सब ठीक आछे,चलो कथा बांचे,सब ठीक आछे, ज़रा ज़रा हांके,आईने में झांके,अपने को आंके,सब ठीक आछे, अंदर तक झांके,क्या हुआ है बांके,चल रहे हैं …
ठीक आछे,सब ठीक आछे,चलो कथा बांचे,सब ठीक आछे, ज़रा ज़रा हांके,आईने में झांके,अपने को आंके,सब ठीक आछे, अंदर तक झांके,क्या हुआ है बांके,चल रहे हैं …
Copyright © by Manish Kumar Srivastava काली अंधेरी रात,घनघोर घनेरी रात,स्याह बरसती रात,बहकती बरसात, सीप ने मुँह खोला,मादक मन डोला,सीप ने जीवन चाहाबूँद ने जीवन …