मनु शरद

ज़िंदगी की सरजमीं पर...

मनु शरद

बिटिया!!!

कली की तरह खिली,तुम्हारी गोद में मिली,इक छोटी सी आशा,छोटी सांसें भरने लगी,हमें बिटिया मिली!!! प्रफुल्लित हुई ज़िंदगी,हमसे पूछा ज़िंदगी ने,बिटिया पा के ख़ुश हो,हमारी …

महफ़िल!!!

रतजगा है आज महफ़िल में तेरी,आज जोग लगा है महफ़िल में तेरी, आज फिर होगी क़यामत से बातें,क़ायनात बिखरेगी महफ़िल में तेरी, तुझसे मुख़ातिब हैं …

ठीक आछे!!!

ठीक आछे,सब ठीक आछे,चलो कथा बांचे,सब ठीक आछे, ज़रा ज़रा हांके,आईने में झांके,अपने को आंके,सब ठीक आछे, अंदर तक झांके,क्या हुआ है बांके,चल रहे हैं …

सीप…

Copyright © by Manish Kumar Srivastava काली अंधेरी रात,घनघोर घनेरी रात,स्याह बरसती रात,बहकती बरसात, सीप ने मुँह खोला,मादक  मन डोला,सीप ने जीवन चाहाबूँद ने जीवन …

भारत का हिंदुस्तान…

Copyright © by Manish Kumar Srivastava बार बार हरबार,वो कहते जाते हैं,हम सुनते जाते हैं,फिर हम कहते हैं,वो सुनते जाते हैं, चर्चाओं की हमारी लंबी …

चौंसठ पन्ने वाली कॉपी…

Copyright © by Manish Kumar Srivastava जब नाम लिखवाया गया,हमारा विद्यालय में,हम दो रहें हैं साथ सदा ही,अपने आलय में, पहला दिन हमारा रोते गुज़रा,कक्षा …