दरख़्त के पास वाली दुकान!!! भाग ७
हां, बनारस शहर की ख़ास बात है ये,यहां की बोली में गज़ब की मिठास है,जब कभी लगे के दिल बड़ा उदास है,तो उल्टी बहती हुई …
हां, बनारस शहर की ख़ास बात है ये,यहां की बोली में गज़ब की मिठास है,जब कभी लगे के दिल बड़ा उदास है,तो उल्टी बहती हुई …
मन ही मन बड़े जतन ये गुन रही थी मैंक़ाश मिल जाये, जिसकी बांवली थी मैं,पर हुआ ना ऐसा गवां बैठी थी मौका मैं,अपने ही …
जाने कितना पराया वो हमको कर गया,जब वो तुम से, आप, हमको कर गया, दौरान ए गुफ़्तगू इस कद्र हैरां कर गया,वो नज़रों से बग़ावत …
मेरी आहों का ना तज़क़िरा कीजिये,मिलता है सुकूँ आप मुस्कुरा दीजिये, रास आने लगी है हमें, शब ए ग़म,मेरे दर्द की ना कोई दवा कीजिये, …
जिस दम आज़ाद ख़याल बयां हुआ,मैं परेशानी का सबब, मेरी जाँ हुआ, अच्छा था जब, ढका छुपा था सब,राज़ नाज़िर हुआ, मैं बदनाम हुआ, ख़ता …
ख़ुश हैं हम, अपने वतन में हैं हम,आज़ाद हैं हम, आबाद हैं हम,बस थोड़ा बहुत परेशान हैं हम,कुछ आदतें हैं जो बदलनी हैं,कुछ रवायतें हैं …