राम!!!
राह चलते चलते हमें राम मिल गये,भाग्य में लिखा था, पहचान ना सके,हमको तो हर दिन ही राम मिलते रहे,आशंकित चित्त ने स्वीकार नहीं किये, …
राह चलते चलते हमें राम मिल गये,भाग्य में लिखा था, पहचान ना सके,हमको तो हर दिन ही राम मिलते रहे,आशंकित चित्त ने स्वीकार नहीं किये, …
जश्न ए चरागां है आज हर दरवाज़े,अनुज संग सीता राम घर हैं पहुंचे, बीते चौदह साल जाने कैसे थे गुज़रे,पर हर पल ज़िंदगी के नायाब …