ज़िंदगी की सरजमीं पर...
राम आगमन!!!
राम आगमन!!!

राम आगमन!!!

आगमन में राम के,
तप कितने धाम के,
पथ नहीं आराम के,
जप है राम राम के,
रावण हृदय मार के,
स्वछंद हृदय वास रे,
राम राम सियाराम रे,
राम लखन हनुमान रे…

घर में आयें राम ये,
द्वार खोलो प्यार से,
स्वागत राम राम से,
हर इक पूर्णिमा से,
अमावस्या तलक रे,
राम विराजें हृदय में,
जीवन व जीवन परे,
प्रार्थना इतनी राम से…

“मनुशरद”

Copyright © by Manish Kumar Srivastava

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