ज़िंदगी की सरजमीं पर...
इश्क़!!!

नज़रों का इल्म!!!

कभी कभी अपने पर यकीं करने में,जाने क्यों किसी का दख़ल चाहते हैं, मेहनत से बनाई हुई इस ज़िंदगी में,किसी की तौसीक़ क्योंकर चाहते हैं, …