ज़िंदगी की सरजमीं पर...
जन्माष्टमी!

जन्माष्टमी!!!

जमुना में उफ़न रही थी बाढ़,घबराये थे वासुदेव महाराज,कंस के डर का नहीं इलाज,डरा मानुस होत घातक बेहाल,देवकीनन्दन का सोच के हाल,कंडिया में लिटाई के …