ख़ुद से मुहब्बत कीजिये!!!
बोलने से पहले, तीखा चखा कीजिये,चिकनाई हटेगी ज़ुबां से, मज़ा लीजिये, अनर्गल कभी कभी बड़बड़ा लीजिये,ज़हन पे ज़ोर मगर, आने ना दीजिये, ख़ुद को परेशाँ …
बोलने से पहले, तीखा चखा कीजिये,चिकनाई हटेगी ज़ुबां से, मज़ा लीजिये, अनर्गल कभी कभी बड़बड़ा लीजिये,ज़हन पे ज़ोर मगर, आने ना दीजिये, ख़ुद को परेशाँ …
कल दोपहर बाद,शाम ने,महफ़िल थी सजायी,दिन अच्छा ख़ासा दूर था,सुबह ज़रा क़रीब थी और,रात इठलाते हुए थी आई… कल शाम जब,महफ़िल में,रात होने को शामिल …
किसी ने कहा : “मिट्टी में मिलने से पहले मिट्टी से मिल तो लें” और यूं शुरू हुआ ज़िंदगी का वो सफ़र जिसने घोंघे को …
चुभते अहसासों ने आ घेरा,नम आंखों ने बरसना चाहा,यूं चश्मे सा बह जाना चाहा,मासूम इक अश्क़ बहा दिया, वो दर्द था जो मुस्कुरा दिया… टीस …
रेत के टीलों का पहाड़ बना डाला,लगा जो धसने, बवाल मचा डाला, पत्थर को तौलते हो रेत से मगर,घिस घिस उसे रेतीला बना डाला, घर …
बरसों में ही सही कभी कभी उभरती है,ख़ुश हूँ के टीस उन्हें भी उतनी रहती है, मालूम है रंज ओ ग़म की वक़त उन्हें भी,ये …
किसी की थी महफ़िल,महफ़िल में उनसे मिल,हैं वो नफ़ीस शख़्सियत,इक दिन पूछा उन्होंने,कौन हो तुम,हमने कहा आपका दिल, क्या मिलेगा याद करके,जो ना गुज़ारे साथ …