ख़त के लिबास!!!
कुछ ढूंढ रहा हूं…हैं कुछ जज़्बात रखे,ख़त के लिबास में,दिल की दराज़ में…आपस में ये ख़त,हैं गुफ़्तगू करते,किसी के हो रहते,क्यों हैं दराज़ में पड़े… …
कुछ ढूंढ रहा हूं…हैं कुछ जज़्बात रखे,ख़त के लिबास में,दिल की दराज़ में…आपस में ये ख़त,हैं गुफ़्तगू करते,किसी के हो रहते,क्यों हैं दराज़ में पड़े… …
हृदय की रिक्तता का क्या कहिये,आपके होने पे खिला रहता था मन, कहूं कितना भी उभर गया हूं मगर,आपके होने से दिन होता था मगन, …
ऊपरवाला हम सब का इक है,लेकिन हमारा सबमें सर्वश्रेष्ठ है, कैसी विडंबना ये कैसा उत्तेज है,ज़रा सी बात बवंडर बना तेज़ है, सबका तरीक़ा मुख़्तलिफ़ …
और ना डालिए ज़ोर,डोर है बेहद कमज़ोर,बात मनवाने की होड़,मैं हूं मैं का नहीं तोड़,दो दो पांच का जोड़,कोई भी आये मोड़,चाहे जायें दुनिया छोड़,नहीं …