नफ़ासत!!!
क्या ख़ूब सोचकर भेजी ज़िंदा वो तस्वीर,मुहब्बत की जीती जागती उम्दा वो तस्वीर, बे इंतेहा तड़प के साथ ये कह रही तस्वीर,हर सितम पर मुस्कुराती …
क्या ख़ूब सोचकर भेजी ज़िंदा वो तस्वीर,मुहब्बत की जीती जागती उम्दा वो तस्वीर, बे इंतेहा तड़प के साथ ये कह रही तस्वीर,हर सितम पर मुस्कुराती …
बचपन में आ गये, धूप सेंकने का मज़ा, किसी बात की नहीं फ़िक्र, ना कोई ज्ञान ठेलती बातें ना ही कल का कोई ज़िक्र…ये हम …
दिलपे था उसके ज़ोर, इक इल्ज़ाम दिया था उसे,उसी ने दिया ज़ख़्म जिसने मलहम दिया था उसे, इल्ज़ाम को थामे थामे, वो बिताता रहा ज़िंदगी,जो …
जो ग़ुबार बन रहे थे कहीं,जो गर्द बन उड़ रहे थे कहींजो नहीं संभल रहे थे कहीं,दश्त में ख़्वाब बोये थे कभी, इनायत उनकी कुछ …
पानी पे पांव के निशा चाहते हैं,ख़ुद से ना जाने हम क्या चाहते हैं ख्वाहिशें बेहिसाब के क्या कहें,उसी में रचा बसा औ गुंधा चाहते …
हर मोड़ पे इंतेज़ार करता हूं,तुझे बेशुमार प्यार मैं करता हूं,ना देख यूं तीखी नज़रों से,मैं घायल हो जाया करता हूं, तीर ए नीमक़श क्या …
तरबियत थी ही ऐसी के अब क्या कहूं,मैं अपनी ज़िंदगी को ख़ुद ही आसां हुआ, अक़्सर ही हलक़ में फँस जाती है सांसें,जज़्बाती सैलाब हावी …
जो तरक़श में हों तीर,तो समझे हर कोई पीर, पीर ना सताये कभी,जो रखिये थोड़ा धीर, मिल जाये कोई पीर,समझा दे, क्या है नीर, जो …
हवाएं आजकल सर्द चल रहीं हैं,पेड़ों की शाखों पे ओस थम रही है, इक शाख़ ने हाथ फैलाया ज़रा सा,बरफ़ उसपे चादर सी जम रही …
जो था, वो बस वो नहीं था,शायद बहरुपिया रहा होगा, कई शक़्लों में दिखता था,हो जाता था हर इक जैसा, उसको उसकी तरह देखना,नामुमकिन सा …