तल्ख़!!!
ख़बर है ये, कि ये ख़बर है ख़ास,वक़्त हो बुरा, क्या कीजिये जनाब,कैसे चले पता कि वक़्त है ख़राब,वक़्त के तो होते नहीं कोई जज़्बात, …
ख़बर है ये, कि ये ख़बर है ख़ास,वक़्त हो बुरा, क्या कीजिये जनाब,कैसे चले पता कि वक़्त है ख़राब,वक़्त के तो होते नहीं कोई जज़्बात, …
रावण ने लिये कई अवतार,पर इस युग में पहली बार,घर के काम की थी दरकार,सरकारी दफ़्तर से इस बार… इक तो था वो सरकारी दफ़्तर,उसपे …
यहां आदम के मिले हैं अंडे,यहां आदम अंडे से निकले,यहां के बहुत बड़े बड़े फंडे,ना छुट्टी ही मनाई ना संडे, ये सिलसिले चले सदियों तक,फिर …