नुक़्ता चीं!!!
वक़्त से प्यार परवान है चढ़ रहा,कोई है दीवाना और कोई बन रहा,नफ़रत से मुहब्बत जागती है बाबू,ना बोईये ज़्यादे कि अरमान बढ़ रहा… बोलिये …
वक़्त से प्यार परवान है चढ़ रहा,कोई है दीवाना और कोई बन रहा,नफ़रत से मुहब्बत जागती है बाबू,ना बोईये ज़्यादे कि अरमान बढ़ रहा… बोलिये …