ये डेटा जिसने देखा वो ग्रेट हो गया,
ये डेटा जो दिखा दे वो सच हो गया,
बिन डेटा के बेटा अजी कुछ ना हुआ,
जब हो गये डेटा के, सब सेट हो गया,
जब डेटा ने बताया तो बहुमत हो गया,
डेटा करेक्ट किया, तो अहमक़ हो गया,
सेव किया जो डेटा तो सरवर फट गया,
देखते ही देखते, कर वो डेटा चट गया,
करते हुए काम एक्सेल पे, पता ये चला,
फार्मूला ग़लत लगा, शासन बदल गया,
एनालिसिस के लिये इकठ्ठा किया डेटा,
जो था यूपी का, वो बस्तर पहुंच गया,
डेटा क़रीब से देखा, तो ऐंठा अकड़ गया,
जब ठीक हुआ डेटा, तो फेंटा खिसक गया,
ईमान की एनालिसिस, इस्तेमाल ना हुया,
जिसने छनकाये ठनठन ये उसका हो गया,
जो गये ख़ुद ज़मीं पे डेटा ठीक मिल गया,
तब जा के ये लगा के अफ़वाहों पे ना जा,
दो पहर की ज़िंदगी को, डेटा मत बना,
डेटा का जो काम है उसे करने दो भला,
“मनुशरद”
Copyright © by Manish Kumar Srivastava