ज़िंदगी की सरजमीं पर...
Manu Sharad

ख़यालों की वज़ाहत!!! (Clarity of Thoughts)

धुआँ धुआँ सा है ख़यालों के दरमियाँ,साफ़ साफ़ देखने का तरीक़ा है क्या? ग़र्द उड़ उड़ के जम रही है ख़यालों पे,हटाने का उसको, मिलता …

बम बम भोले!!!

बम बम भोले,सुर सँगम हो ले,ईश है संगीत,ईश का संगीत,चंहु ओर चहके,गुलिस्ताँ महके,ध्वनि मधुर डोले… शिव शंकर शम्भू भोले,जिया डोले हौले हौले,डमरू तुम्हरा बाजे,झूम कर …

बेल पे चढ़ती छाँव!!!

किसी टहनी से बेल पे चढ़ती छांव,फिर चांदनी ने उजाला बिछाया होगा, किसी ने ग़ैरत को ललकारा जब,किसी ने समाज को जगाया होगा, फिर किसी …

तरक़श!!!

जो तरक़श में हों तीर,तो समझे हर कोई पीर, पीर ना सताये कभी,जो रखिये थोड़ा धीर, मिल जाये कोई पीर,समझा दे, क्या है नीर, जो …