ज़िंदगी की सरजमीं पर...
Manu Sharad

करवा!!!

रिश्तों में सबसे अहम रिश्ता,सालाना जन्मदिवस मना रहा,हर औरत बनी है दुल्हन आज,आदमी दूल्हे सा है सज रहा, सुन कर के करवा की कथा,देखो चांद …

अम्मा : प्रगतिशील विचारधारा!!!

ना समझते तो क्या करते,बस शायद हां में हां करते,छोटे अगर जो होते सपने,सपने भी ना होते अपने,खुलापन उनसे पाया हमने,वरना खो जाते हम कबके, …

शोर का सन्नाटा!!!

है ये शोर का सन्नाटा,यहां हर कोई भन्नाता,है ढपली है राग अपना,औ दूसरों पे चिल्लाता, है ये शोर का सन्नाटा… दरवाज़े पे कान लगाता,आवाज़ें सुन …

ख़त के लिबास!!!

कुछ ढूंढ रहा हूं…हैं कुछ जज़्बात रखे,ख़त के लिबास में,दिल की दराज़ में…आपस में ये ख़त,हैं गुफ़्तगू करते,किसी के हो रहते,क्यों हैं दराज़ में पड़े… …

जन्माष्टमी!!!

जमुना में उफ़न रही थी बाढ़,घबराये थे वासुदेव महाराज,कंस के डर का नहीं इलाज,डरा मानुस होत घातक बेहाल,देवकीनन्दन का सोच के हाल,कंडिया में लिटाई के …