ज़िंदगी की सरजमीं पर...
Manu Sharad

सच झूठ!!!

कितने ही सच, झूठे देखे,बिखरे बिखरे से टूटे देखे,किसी को क्या पता था,किसी ने ख़्वाब सुनहरे देखे… कुछ सच्चे लोग, झूठे देखे,फ़रेबी नहीं थे, फ़रेब …

शुभ दीपावली!!!

ओस किरणों ने आ घेरा,भू, धरा को मचला फेरा,नव प्रभात है ये नव बेला,चिड़ियों ने चहचहा बोला,है जीवन अनूठा अलबेला,कोमल कोपलों पे सूर्य बैठा,क़तरा क़तरा …

करवा!!!

रिश्तों में सबसे अहम रिश्ता,सालाना जन्मदिवस मना रहा,हर औरत बनी है दुल्हन आज,आदमी दूल्हे सा है सज रहा, सुन कर के करवा की कथा,देखो चांद …

अम्मा : प्रगतिशील विचारधारा!!!

ना समझते तो क्या करते,बस शायद हां में हां करते,छोटे अगर जो होते सपने,सपने भी ना होते अपने,खुलापन उनसे पाया हमने,वरना खो जाते हम कबके, …

शोर का सन्नाटा!!!

है ये शोर का सन्नाटा,यहां हर कोई भन्नाता,है ढपली है राग अपना,औ दूसरों पे चिल्लाता, है ये शोर का सन्नाटा… दरवाज़े पे कान लगाता,आवाज़ें सुन …

ख़त के लिबास!!!

कुछ ढूंढ रहा हूं…हैं कुछ जज़्बात रखे,ख़त के लिबास में,दिल की दराज़ में…आपस में ये ख़त,हैं गुफ़्तगू करते,किसी के हो रहते,क्यों हैं दराज़ में पड़े… …