ज़िंदगी की सरजमीं पर...
सच!!!

आसमां से गहरी!!!

आसमां से गहरी समंदर से ऊंची,हाय, ये परेशानियां हैं कैसी कैसी, कहीं सुलझी हुई कहीं मसनुई सी,सीधी उलझी सुबहें अच्छी लगती, उसने कहा ज़मीं तौल …

बापू!!!

हम उस नस्ल के बंदे हैं,उस फ़सल के नुमाइंदे हैं,जो बस ये सुन के बड़े हुये,थे, अब गुज़रे क़िस्से हैं, हमने ना देखा बापू को,हमने …

बूढ़े!!!

कहा मेरे बच्चे ने,तुम अब बूढ़े हो चले,कुछ दो दशक पहले,अपने पिता के लिये,यही कहा था मैंने, सोचता हूं अब मैं,क्या सोचते होंगे वो,कैफ़ियत क्या …

जंग!!!

दिन गिनते गिनते रात भई,रात भी ना कोई बात हुई,रात गुज़री फिर रात हुई,ना जाने कब वो रात हुई, वक़्त गुज़रा रात ना गई,सारा दिन …

खालीपन!!!

खालीपन देखो आ बैठा,कितनी बातें करता रहा,मिल कर अजनबी लगा,रात भर यूँही सोचता रहा,खालीपन किस बात का,दिल कहता बेचैन मन का,मन करता अपने मन का,वो …