पद्म पंकज!!!
आज इक सफ़र कीबात करता हूं,तुमसे जो पायाउसे बयां करता हूं,पायी है ज़ुबां,ज़ुबां खोलने की अदा,तलफ़्फ़ुस में इज़ाफ़ा,अदब का लिफ़ाफ़ा,और जाने क्या क्या, और ये …
बिटिया!!!
कली की तरह खिली,तुम्हारी गोद में मिली,इक छोटी सी आशा,छोटी सांसें भरने लगी,हमें बिटिया मिली!!! प्रफुल्लित हुई ज़िंदगी,हमसे पूछा ज़िंदगी ने,बिटिया पा के ख़ुश हो,हमारी …
महफ़िल!!!
रतजगा है आज महफ़िल में तेरी,आज जोग लगा है महफ़िल में तेरी, आज फिर होगी क़यामत से बातें,क़ायनात बिखरेगी महफ़िल में तेरी, तुझसे मुख़ातिब हैं …
ठीक आछे!!!
ठीक आछे,सब ठीक आछे,चलो कथा बांचे,सब ठीक आछे, ज़रा ज़रा हांके,आईने में झांके,अपने को आंके,सब ठीक आछे, अंदर तक झांके,क्या हुआ है बांके,चल रहे हैं …
सीप…
Copyright © by Manish Kumar Srivastava काली अंधेरी रात,घनघोर घनेरी रात,स्याह बरसती रात,बहकती बरसात, सीप ने मुँह खोला,मादक मन डोला,सीप ने जीवन चाहाबूँद ने जीवन …
भारत का हिंदुस्तान…
Copyright © by Manish Kumar Srivastava बार बार हरबार,वो कहते जाते हैं,हम सुनते जाते हैं,फिर हम कहते हैं,वो सुनते जाते हैं, चर्चाओं की हमारी लंबी …
सधे कबूतर…
Copyright © by Manish Kumar Srivastava कबूतर जो सधे नहीं,रहे वो अब गधे नहीं,कहते फिरते हैं सबसेकम दामों में गुज़ारा नहीं, जिन्हें फ़ाख़्ते उड़ाने में,आता …
उनका साथ…मन की बात
Copyright © by Manish Kumar Srivastava सफ़र में उनका साथ, हाथों में हाथ,रंज भी ना हो किसी को, तो कैसे मज़ा लीजिये, किस बहर में …
चौंसठ पन्ने वाली कॉपी…
Copyright © by Manish Kumar Srivastava जब नाम लिखवाया गया,हमारा विद्यालय में,हम दो रहें हैं साथ सदा ही,अपने आलय में, पहला दिन हमारा रोते गुज़रा,कक्षा …