बूढ़े!!!
कहा मेरे बच्चे ने,तुम अब बूढ़े हो चले,कुछ दो दशक पहले,अपने पिता के लिये,यही कहा था मैंने, सोचता हूं अब मैं,क्या सोचते होंगे वो,कैफ़ियत क्या …
कहा मेरे बच्चे ने,तुम अब बूढ़े हो चले,कुछ दो दशक पहले,अपने पिता के लिये,यही कहा था मैंने, सोचता हूं अब मैं,क्या सोचते होंगे वो,कैफ़ियत क्या …
आज रंग तन मन,रंग भरो अंतर्मन,मन से मन संगम,हृदय बने विहंगम, आज कर अर्पण,अहंकार भरा मन,होली हो राधे संग,हर दृश्य मनोरम, मुरलीधर वृंदावन,बसे हर राधा …
दिन गिनते गिनते रात भई,रात भी ना कोई बात हुई,रात गुज़री फिर रात हुई,ना जाने कब वो रात हुई, वक़्त गुज़रा रात ना गई,सारा दिन …
आज रूस ने कर दिया हमला,आज कियेव पे भारी बम गिरा, आज जंग का दौर शुरू हुआ,मंद दुनिया का बाज़ार हुआ, आज बख्श दो यूक्रेन …
खालीपन देखो आ बैठा,कितनी बातें करता रहा,मिल कर अजनबी लगा,रात भर यूँही सोचता रहा,खालीपन किस बात का,दिल कहता बेचैन मन का,मन करता अपने मन का,वो …
बसंत बहार फागुन की धार,मालकौंस मियां की मल्हार,भैरव भैरवी यमन कल्याण,राग दरबारी बसंत व केदार,तिलक कामोद मेघ मल्हार,पूर्या धनाश्री थाट बिलावल,वृंदावनी सारंग राग बिहाग,अनगिनत राग …
इक बच्ची को प्रार्थना देख करते,और हर रोज़ वही करते करते,उत्सुकता जागी पुजारी मन में,जानना चाहा कि क्या प्रार्थना है, इक दिन जा सुना उसने …
आज तड़के सुबह हो गयी,आज सांसे भी हैं चल रही,सोचने की फ़ुरसत नहीं,रोटी कमानी है आज की,क्योंकि?इक और दिन ज़िंदगी जो रह गयी, आज तड़के …
इक ज़माने का ज़िक्र छिड़ा,यादों का कारवां चल पड़ा,बीते लम्हों के यादगार पल,ढेरों हैं, ढेरों का सुरूर छाया, कुछ बड़े कुछ हैं छोटे किस्से,हां सही …
रोज़ अख़बार पढ़ कर सोचता हूं,आख़िर क्यों मैं अख़बार पढ़ता हूं, बचपन से वही ख़बर पढ़ता रहा हूं,सोचता हूं कि मैं क्या पढ़ रहा हूं …