मायूस कुन बातें!!!
ज़िंदगी ज़रा देर जो बैठी सुस्ताने,लगी उठने तो पैर लगे कँपकपाने, उसने भरोसा दिलाया इत्मिनान से,कराहना छोड़ कर लगी मुस्कुराने, यक़ीं पर गर्द जल्द बैठ …
ज़िंदगी ज़रा देर जो बैठी सुस्ताने,लगी उठने तो पैर लगे कँपकपाने, उसने भरोसा दिलाया इत्मिनान से,कराहना छोड़ कर लगी मुस्कुराने, यक़ीं पर गर्द जल्द बैठ …
माथे पर, सिफ़र ठहरा,चांदबाली सा लहरा रहा,बढ़कर रुख़सार चूमता,हो सुर्ख़, कभी दमकता, सिफ़र से सफ़र शुरू हुआ,सिफ़र से बने है कहकशां,सिफ़र से कम, चश्म जमा,ऊपर …
ज़िंदगी का बंदर,दिखता है बाहर,रहे चित्त अंदर,हाय रे ये बंदर…मन को खींचकर,आंख को भींचकर,चाहता नहीं देखना,वीभत्स होती नज़र,लगा बुलाने चीख़कर,अपने अंदर का बंदर,वो खींसे निपोड़ …
लगातार सिलसिलेवार कहानी,सिलवटें लगी शानदार कहानी,बुर्राख़ क़मीज़ जानदार कहानी,लगता ये है ईमानदार कहानी, गरेबां झांकती पहरेदार कहानी,करिश्मे दिखाती उम्रदार कहानी,हर रोज़ मांजती चमकदार कहानी,देखो है …
ये बात मानता नहीं मेरा मन है,के बेइंतेहा गहरा अकेलापन है, शाख़ें जिस्म की लगी हैं सूखने,यूं दूर अभी पतझड़ का मौसम है, नींद को …