वक़्त!!!
वक़्त, आदमी की इजाद है,बाक़ी सब इससे आज़ाद हैं, दिमाग़ी क़ैद में, वक़्त सोचता,बग़ावत तो करनी ज़ोरदार है, यूं इंक़लाब कर रहा है, वक़्तजैसे वक़्त …
वक़्त, आदमी की इजाद है,बाक़ी सब इससे आज़ाद हैं, दिमाग़ी क़ैद में, वक़्त सोचता,बग़ावत तो करनी ज़ोरदार है, यूं इंक़लाब कर रहा है, वक़्तजैसे वक़्त …
इक दौर वो और इक दौर ये है,इक ठौर वो और इक ठौर ये है, उधर भी मौज इधर भी मौज है,इक ओर साज़ इक …
राह चलते चलते हमें राम मिल गये,भाग्य में लिखा था, पहचान ना सके,हमको तो हर दिन ही राम मिलते रहे,आशंकित चित्त ने स्वीकार नहीं किये, …
वो तो ईश का युग था, वो तो ईश का सुत था, बोझ दससीस का उठा, वो थक था बहुत गया, इक इक कर शीश …
जो था, वो बस वो नहीं था,शायद बहरुपिया रहा होगा, कई शक़्लों में दिखता था,हो जाता था हर इक जैसा, उसको उसकी तरह देखना,नामुमकिन सा …
कुछ ख़याल छुटपन के,ज़हन में तैरते हैं ऐसे,के वो ख़याल नहीं हैं,गुज़रते पल हैं देखे,सच में बैठे हों पास जैसे, मिट्टी गूंध कर हाथों से,सौंधी …
हूँ कलाकार, किरदार सोच रहा हूँ,मुख़्तलिफ़ रँग बार बार भर रहा हूँ, अख़लाक़ रच के मन से गढ़ रहा हूँ,ख़ुद को क़िताब की तरह पढ़ …
पानी के पास ये इख़्तियार नहीं,वो रोक सके ख़ुद को ढुलकने से, और आब ख़ुदमुख़्तार भी नहीं,कि बे मौसम ख़ुद ही बरस सके, है ख़ुद …
यहां इमारतें हैं बोलती,यहां शरारतें हैं डोलती,यहां सूरतें हैं चहकती,यहां मुहब्बतें हैं महकती, हां, ये शान है लखनऊ की, फ़लसफ़िये हैं हर गलीजिन्हें ज़िंदगी खड़ी …
वो जो हममें तुममें ख़ास था,वो क्या बस कोई रिवाज़ था, ना कोई रिश्ता ना ताल्लुक़ात,क्या जानिए वो क्यों नाराज़ था, चाहा था बस अहसास …