वक़्त और हम!!!
अलग ही अंदाज़-ए-बयाँ है… क्या ये वक़्त चल रहा है,के वक़्त मुसलसल थमा है,वक़्त के हाथ में आईना है,देखता है कि अक़्स अपना है,सोचता हूं, …
अलग ही अंदाज़-ए-बयाँ है… क्या ये वक़्त चल रहा है,के वक़्त मुसलसल थमा है,वक़्त के हाथ में आईना है,देखता है कि अक़्स अपना है,सोचता हूं, …
ज़िंदगी मद्धम मद्धम सी,गुनगुनाती चली जा रही,सुनते थे हम ख़ामोश बैठे,अकेले में आकाशवाणी,बिना दिए अपनी वाणी, गीतमाला बिनाका की,कार्यक्रम विविध भारती,ग्यारह बजे की सुई,चुप सारी …
ठंड पड़ रही है,बर्फ़ गिर रही है,सर्द हो के सांसे,धुआं बन रही हैं, हाथों की जुंबिश,नम पड़ रही है,थरथराते होंठों पर,कंपकंपी चढ़ रही है, पानी …
हर मोड़ पे इंतेज़ार करता हूं,तुझे बेशुमार प्यार मैं करता हूं,ना देख यूं तीखी नज़रों से,मैं घायल हो जाया करता हूं, तीर ए नीमक़श क्या …
कल शाम, कल रात से बात हुई,सोचती रही रात मगर नहीं सोयी,वक़्त था तक़रीबन रात के ढाई,अल्लाह दुहाई अल्लाह दुहाई,नींद आ कर भी नहीं आई,सख़्त …
कभी चांद तारों की बात होती है,कभी इन नज़ारों की बात होती है, यूं दिल करता है के कह दूं तुझसे,तुझे तुझसे चुराने की बात …
कितने ही सच, झूठे देखे,बिखरे बिखरे से टूटे देखे,किसी को क्या पता था,किसी ने ख़्वाब सुनहरे देखे… कुछ सच्चे लोग, झूठे देखे,फ़रेबी नहीं थे, फ़रेब …
हल्क़ी भीनी मधम सी ठंड होने लगी,जिस्म औ रूह की मीठी जंग होने लगी, हेमंत की हवा मंद मंद सर्द होने लगी,रुख़ों की लाली ज़रा …
ओस किरणों ने आ घेरा,भू, धरा को मचला फेरा,नव प्रभात है ये नव बेला,चिड़ियों ने चहचहा बोला,है जीवन अनूठा अलबेला,कोमल कोपलों पे सूर्य बैठा,क़तरा क़तरा …
रिश्तों में सबसे अहम रिश्ता,सालाना जन्मदिवस मना रहा,हर औरत बनी है दुल्हन आज,आदमी दूल्हे सा है सज रहा, सुन कर के करवा की कथा,देखो चांद …