मनु शरद

ज़िंदगी की सरजमीं पर...

मनु शरद

मुस्कुराते दर्द!!!

चुभते अहसासों ने आ घेरा,नम आंखों ने बरसना चाहा,यूं चश्मे सा बह जाना चाहा,मासूम इक अश्क़ बहा दिया, वो दर्द था जो मुस्कुरा दिया… टीस …

तरबियत(परवरिश)!!!

तरबियत थी ही ऐसी के अब क्या कहूं,मैं अपनी ज़िंदगी को ख़ुद ही आसां हुआ, अक़्सर ही हलक़ में फँस जाती है सांसें,जज़्बाती सैलाब हावी …

हर इक शक्ति-रूपेण के नाम!!!

तेरे जैसा नहीं कोई, रखना यक़ीं चाहिये,जो तू कहना चाहे खुल के कहना चाहिये, वजूद तेरा इसलिए नहीं के रहे बंध के,ग़र हो मंज़ूर, बंधन …

मग्फ़िरत(माफ़ी)!!!

उन्हें मग़्फ़िरत की हैं चाहतें,अदाक़ारी हमसे फ़रमाते हैं, लफ़्ज़ों को ग़र छोटे में ना देखें,क्या ख़ूबसूरत बला चाहते हैं, वो जान गए हम साथ हैं …

रंग!!!

कभी यूँभी हुआ है मुहब्बत के थाने में,उन्हीं के हो गये हम उनको रंग लगाने में, गुजिया और मिठाई की बातें बनाने में,साँवली सूरत पर …

ख़यालों की वज़ाहत!!! (Clarity of Thoughts)

धुआँ धुआँ सा है ख़यालों के दरमियाँ,साफ़ साफ़ देखने का तरीक़ा है क्या? ग़र्द उड़ उड़ के जम रही है ख़यालों पे,हटाने का उसको, मिलता …

बम बम भोले!!!

बम बम भोले,सुर सँगम हो ले,ईश है संगीत,ईश का संगीत,चंहु ओर चहके,गुलिस्ताँ महके,ध्वनि मधुर डोले… शिव शंकर शम्भू भोले,जिया डोले हौले हौले,डमरू तुम्हरा बाजे,झूम कर …