मनु शरद

ज़िंदगी की सरजमीं पर...

मनु शरद

मग्फ़िरत(माफ़ी)!!!

उन्हें मग़्फ़िरत की हैं चाहतें,अदाक़ारी हमसे फ़रमाते हैं, लफ़्ज़ों को ग़र छोटे में ना देखें,क्या ख़ूबसूरत बला चाहते हैं, वो जान गए हम साथ हैं …

रंग!!!

कभी यूँभी हुआ है मुहब्बत के थाने में,उन्हीं के हो गये हम उनको रंग लगाने में, गुजिया और मिठाई की बातें बनाने में,साँवली सूरत पर …

ख़यालों की वज़ाहत!!! (Clarity of Thoughts)

धुआँ धुआँ सा है ख़यालों के दरमियाँ,साफ़ साफ़ देखने का तरीक़ा है क्या? ग़र्द उड़ उड़ के जम रही है ख़यालों पे,हटाने का उसको, मिलता …

बम बम भोले!!!

बम बम भोले,सुर सँगम हो ले,ईश है संगीत,ईश का संगीत,चंहु ओर चहके,गुलिस्ताँ महके,ध्वनि मधुर डोले… शिव शंकर शम्भू भोले,जिया डोले हौले हौले,डमरू तुम्हरा बाजे,झूम कर …

बेल पे चढ़ती छाँव!!!

किसी टहनी से बेल पे चढ़ती छांव,फिर चांदनी ने उजाला बिछाया होगा, किसी ने ग़ैरत को ललकारा जब,किसी ने समाज को जगाया होगा, फिर किसी …

तरक़श!!!

जो तरक़श में हों तीर,तो समझे हर कोई पीर, पीर ना सताये कभी,जो रखिये थोड़ा धीर, मिल जाये कोई पीर,समझा दे, क्या है नीर, जो …