जीवनलीला!!!
लग रहा था ऐसा,जा रहा था जला,अंदर ही अंदर… कुछ था भी ऐसा,कि पता ना चला,उबल रहा बवंडर… मनजला मनचला,दिल को गया बना,खंडहर ही खंडहर… …
लग रहा था ऐसा,जा रहा था जला,अंदर ही अंदर… कुछ था भी ऐसा,कि पता ना चला,उबल रहा बवंडर… मनजला मनचला,दिल को गया बना,खंडहर ही खंडहर… …
किसी टहनी से बेल पे चढ़ती छांव,फिर चांदनी ने उजाला बिछाया होगा, किसी ने ग़ैरत को ललकारा जब,किसी ने समाज को जगाया होगा, फिर किसी …
जो तरक़श में हों तीर,तो समझे हर कोई पीर, पीर ना सताये कभी,जो रखिये थोड़ा धीर, मिल जाये कोई पीर,समझा दे, क्या है नीर, जो …
हवाएं आजकल सर्द चल रहीं हैं,पेड़ों की शाखों पे ओस थम रही है, इक शाख़ ने हाथ फैलाया ज़रा सा,बरफ़ उसपे चादर सी जम रही …
सुबह सवेरे ख़ूब कहा,मैं इधर तू उधर से आ,दो दिन के सफ़र का,दूर कहीं मिलेगा रस्ता,बांध ले अपना बस्ता,उदय हो जब सूर्य का,नीर झर झर …
हृदय की रिक्तता का क्या कहिये,आपके होने पे खिला रहता था मन, कहूं कितना भी उभर गया हूं मगर,आपके होने से दिन होता था मगन, …
कभी कभी जब दिल आये भर,क्या ही जाने काहे और क्योंकर, जाने क्या सोचता रहा रात भर,है कोई बात के रोता रहा रात भर, उस …
वक़्त, आदमी की इजाद है,बाक़ी सब इससे आज़ाद हैं, दिमाग़ी क़ैद में, वक़्त सोचता,बग़ावत तो करनी ज़ोरदार है, यूं इंक़लाब कर रहा है, वक़्तजैसे वक़्त …
इक दौर वो और इक दौर ये है,इक ठौर वो और इक ठौर ये है, उधर भी मौज इधर भी मौज है,इक ओर साज़ इक …