इक रहिन घोंघा!!!
इक रहिन घोंघा, भई इक रहिन घोंघा,वही जिनहिं की पीठ पै शंख रहा उभरा, बात चली के का कारज्यक्रम आज का,बोलै हलुवा पूड़ी संग बस …
इक रहिन घोंघा, भई इक रहिन घोंघा,वही जिनहिं की पीठ पै शंख रहा उभरा, बात चली के का कारज्यक्रम आज का,बोलै हलुवा पूड़ी संग बस …
क्या बताऊँ तुझे,कैसे बताऊँ तुझे,के हर बार उस पार,लगती वहां नुमाइशें,पूरी होती फरमाइशें, चल ले चलूं तुझे,के हर पल यूं लगे,के जाना है उस पार,आते …
ख़्वाबों को ज़रा सजा कर रखिये,बेतरतीब ख़्वाबों से उलझने है बड़ी, दीवार पे टंगे हैं कई ख़्वाब, मगर,ताबीर में उनके, अड़चने हैं खड़ी, जाल बुनती …
यहां आदम के मिले हैं अंडे,यहां आदम अंडे से निकले,यहां के बहुत बड़े बड़े फंडे,ना छुट्टी ही मनाई ना संडे, ये सिलसिले चले सदियों तक,फिर …
ये डेटा जिसने देखा वो ग्रेट हो गया,ये डेटा जो दिखा दे वो सच हो गया, बिन डेटा के बेटा अजी कुछ ना हुआ,जब हो …
और ना डालिए ज़ोर,डोर है बेहद कमज़ोर,बात मनवाने की होड़,मैं हूं मैं का नहीं तोड़,दो दो पांच का जोड़,कोई भी आये मोड़,चाहे जायें दुनिया छोड़,नहीं …
पान का पत्ता,लगा के कत्था,चूना लगा रहा,होंठ कर लाल,कटी है ज़ुबान,मज़ा आ रहा… ज़्यादे हो चूना,कत्था लगाना,क़िमाम महका,ज़ायका चटका,कटी ज़ुबान की,कैंची है चला रहा… पान …
टूटे अहसासों से पीछा छूटता नहीं,बरगद तले भी पनपा है कुछ कहीं, दरख़्त पे यूं, तिलिस्म लटके है कई,ज्यूं इक बदन ढो रहा, लिबास कई, …
आसमां से गहरी समंदर से ऊंची,हाय, ये परेशानियां हैं कैसी कैसी, कहीं सुलझी हुई कहीं मसनुई सी,सीधी उलझी सुबहें अच्छी लगती, उसने कहा ज़मीं तौल …
आगमन में राम के,तप कितने धाम के,पथ नहीं आराम के,जप है राम राम के,रावण हृदय मार के,स्वछंद हृदय वास रे,राम राम सियाराम रे,राम लखन हनुमान …