फलों की बैठक!!!
आज फलों की हुई है बैठक,नतीजा सामने है आने वाला,फल अपनी अपनी हैं कह रहे,सब करते दावे फ़ायदे रहे गिना,अपनी ढपली पे राग अलापना,क्या कोई …
आज फलों की हुई है बैठक,नतीजा सामने है आने वाला,फल अपनी अपनी हैं कह रहे,सब करते दावे फ़ायदे रहे गिना,अपनी ढपली पे राग अलापना,क्या कोई …
सुकूं मिलता उस जगह,जहां निःशब्द हो आ बैठा, अ उद्गम म से उपासना तक,बीच बोलचाल में उ है बैठा, अ बाण है म धनुष हो …
तनी हुई डोर पे हल्की ठुनकी,तरंगों की लंबी क़तार बह उठी, ऐसा लगा कि दौरान ए मुहब्बत,इश्क़ की आज़माइशें है हो रही, ज़रा सी ढील …
महीने निकले ग्यारह हैं,ये साल बीतने वाला है, इक और इक ग्यारह है,अब वक़्त बदलने वाला है, बीतते तो बस पल ही हैं,दिन साल आज …
ये जो मुल्क़ ख़तरे में है,ये जो मुल्क़ ख़तरे में था,क्या मुल्क़ कभी भीख़तरे से बाहर था?था तो हमें भी बता? ये जो मुल्क़ बेच …
जश्न ए चरागां है आज हर दरवाज़े,अनुज संग सीता राम घर हैं पहुंचे, बीते चौदह साल जाने कैसे थे गुज़रे,पर हर पल ज़िंदगी के नायाब …
है बहुत ही साफ़ सुथरा साबुन ये,साफ़ हाथों को ही साफ़ है करता , हो जाएं हाथ जो गंदे कभी,उन्हें साफ़ करने से इन्कार करता, …
तस्वीर राम की सुंदर लग रही है,तासीर राम की असर कर रही है,रावण को तजना ज़िंदगी नहीं है,मन रावण को समझने की,ज़रूरत हमेशा से रही …
आज इक सफ़र कीबात करता हूं,तुमसे जो पायाउसे बयां करता हूं,पायी है ज़ुबां,ज़ुबां खोलने की अदा,तलफ़्फ़ुस में इज़ाफ़ा,अदब का लिफ़ाफ़ा,और जाने क्या क्या, और ये …