लगातार सिलसिलेवार कहानी,
सिलवटें लगी शानदार कहानी,
बुर्राख़ क़मीज़ जानदार कहानी,
लगता ये है ईमानदार कहानी,
गरेबां झांकती पहरेदार कहानी,
करिश्मे दिखाती उम्रदार कहानी,
हर रोज़ मांजती चमकदार कहानी,
देखो है ये कितनी मज़ेदार कहानी,
चलती फिरती दमदार कहानी,
उजड़ती बसती दिलदार कहानी,
सुनती सुनाती दोस्तयार कहानी,
थमती बरसती बार बार कहानी,
हर इक कहानी यादगार कहानी,
मुख़्तलिफ़ रंगों सी रंगदार कहानी,
नाटक खेलती सी किरदार कहानी,
बक़ैती बघारती सर ए दरबार कहानी,
नींद उड़ाती होश गवाती कहानी,
सुर्ख़ लहू को झिंझोड़ती कहानी,
कभी नम आंखों से होती बयानी,
बेहद मासूम कभी, कभी सयानी,
हर क़िरदार ने कही अपनी कहानी,
किसी पे आई कहीं ना छाई जवानी,
आरामपसंदों ने फेंकी लंबी लफ़्फ़ानी,
मेहनतकश ने क़ामयाब बुनी कहानी,
हर इक सुबह बुनती आयी है कहानी,
हर इक ने कही अपनी अपनी ज़ुबानी,
क्या ये है ज़िंदगानी की कही कहानी,
या कहें यूं के ये कहानी ही है ज़िंदगानी…
“मनुशरद”
Copyright © by Manish Kumar Srivastava