ख़यालों की वज़ाहत!!! (Clarity of Thoughts)
धुआँ धुआँ सा है ख़यालों के दरमियाँ,साफ़ साफ़ देखने का तरीक़ा है क्या? ग़र्द उड़ उड़ के जम रही है ख़यालों पे,हटाने का उसको, मिलता …
धुआँ धुआँ सा है ख़यालों के दरमियाँ,साफ़ साफ़ देखने का तरीक़ा है क्या? ग़र्द उड़ उड़ के जम रही है ख़यालों पे,हटाने का उसको, मिलता …
बम बम भोले,सुर सँगम हो ले,ईश है संगीत,ईश का संगीत,चंहु ओर चहके,गुलिस्ताँ महके,ध्वनि मधुर डोले… शिव शंकर शम्भू भोले,जिया डोले हौले हौले,डमरू तुम्हरा बाजे,झूम कर …
लग रहा था ऐसा,जा रहा था जला,अंदर ही अंदर… कुछ था भी ऐसा,कि पता ना चला,उबल रहा बवंडर… मनजला मनचला,दिल को गया बना,खंडहर ही खंडहर… …
किसी टहनी से बेल पे चढ़ती छांव,फिर चांदनी ने उजाला बिछाया होगा, किसी ने ग़ैरत को ललकारा जब,किसी ने समाज को जगाया होगा, फिर किसी …
जो तरक़श में हों तीर,तो समझे हर कोई पीर, पीर ना सताये कभी,जो रखिये थोड़ा धीर, मिल जाये कोई पीर,समझा दे, क्या है नीर, जो …
हवाएं आजकल सर्द चल रहीं हैं,पेड़ों की शाखों पे ओस थम रही है, इक शाख़ ने हाथ फैलाया ज़रा सा,बरफ़ उसपे चादर सी जम रही …
सुबह सवेरे ख़ूब कहा,मैं इधर तू उधर से आ,दो दिन के सफ़र का,दूर कहीं मिलेगा रस्ता,बांध ले अपना बस्ता,उदय हो जब सूर्य का,नीर झर झर …
हृदय की रिक्तता का क्या कहिये,आपके होने पे खिला रहता था मन, कहूं कितना भी उभर गया हूं मगर,आपके होने से दिन होता था मगन, …
कभी कभी जब दिल आये भर,क्या ही जाने काहे और क्योंकर, जाने क्या सोचता रहा रात भर,है कोई बात के रोता रहा रात भर, उस …