गहराया आसमाँ!!!
गहराए आसमां से झांकता धूप का टुकड़ा,चमकते समंदर पे तैर रहा, बन के धब्बा, लगे के यूं जैसे ज़मीं से अंधेरा रहा हो मिटा,अचानक उस …
गहराए आसमां से झांकता धूप का टुकड़ा,चमकते समंदर पे तैर रहा, बन के धब्बा, लगे के यूं जैसे ज़मीं से अंधेरा रहा हो मिटा,अचानक उस …
बादलों पे पैर रख,बादलों के ऊपर,बनायेंगे नये क़िस्से,जो बादलों के परे,उड़ा के ले चलें हमें,वहां से वो सब देखने,गुज़रे वक़्त को समेटने,आते वक़्त की धूप …
निकल चुकी बात अब हाथ से इंसानों के,ज़हरीली सांस पी रहे हैं अपने मकानों में, आंख मिचिया देता है धुआं सर्द रातों में,ज़हर नशीला फैला …
दिवाली आयी है,हमने सजाई है,अपने द्वारे पे,चौखट चौबारे पे,घर के अंदर में,मन के मंदिर में,जी के समंदर में,घर को संवारेंगे,चौक बनायेंगे,लड़ियां लगायेंगे,अंतर् मन जगायेंगे,मन बसे …
हम उस नस्ल के बंदे हैं,उस फ़सल के नुमाइंदे हैं,जो बस ये सुन के बड़े हुये,थे, अब गुज़रे क़िस्से हैं, हमने ना देखा बापू को,हमने …
ज़िंदगी भी क़ाश तस्वीर की तरह होती,तीन घंटे में हर ग़म, ख़ुशी में तब्दील होती, सारी दुनियादारी पलों में गुज़रती होती,ग़म और ख़ुशी कम कम …
बरसों में ही सही कभी कभी उभरती है,ख़ुश हूँ के टीस उन्हें भी उतनी रहती है, मालूम है रंज ओ ग़म की वक़त उन्हें भी,ये …
इक शाम शरद की,ठंड भी थी पड़ रही,इक शाख़ दरख़्त की,खिड़की से झांक रही,लचीली लोच से भरी,इशारों में कह रही,मुहब्बत हूँ मैं,ज़रा खोल खिड़की… जो …
ख़ुश हैं हम, अपने वतन में हैं हम,आज़ाद हैं हम, आबाद हैं हम,बस थोड़ा बहुत परेशान हैं हम,कुछ आदतें हैं जो बदलनी हैं,कुछ रवायतें हैं …
उसने हमें ज्यूँ देखा,पासा हमपे यूँ फेंका,साड़ी, जो पहने रेखा,नायाब सा ये तोहफ़ा,आप पे है फब रहा,आप लग रहीं है रेखा… ज़री, ये रेशम के …