मनु शरद

ज़िंदगी की सरजमीं पर...

मनु शरद

जंग!!!

दिन गिनते गिनते रात भई,रात भी ना कोई बात हुई,रात गुज़री फिर रात हुई,ना जाने कब वो रात हुई, वक़्त गुज़रा रात ना गई,सारा दिन …

खालीपन!!!

खालीपन देखो आ बैठा,कितनी बातें करता रहा,मिल कर अजनबी लगा,रात भर यूँही सोचता रहा,खालीपन किस बात का,दिल कहता बेचैन मन का,मन करता अपने मन का,वो …

बस इक ही लता!!!

बसंत बहार फागुन की धार,मालकौंस मियां की मल्हार,भैरव भैरवी यमन कल्याण,राग दरबारी बसंत व केदार,तिलक कामोद मेघ मल्हार,पूर्या धनाश्री थाट बिलावल,वृंदावनी सारंग राग बिहाग,अनगिनत राग …

मासूम प्रार्थना!!!

इक बच्ची को प्रार्थना देख करते,और हर रोज़ वही करते करते,उत्सुकता जागी पुजारी मन में,जानना चाहा कि क्या प्रार्थना है, इक दिन जा सुना उसने …

इक और दिन ज़िंदगी जो रह गयी!!!

आज तड़के सुबह हो गयी,आज सांसे भी हैं चल रही,सोचने की फ़ुरसत नहीं,रोटी कमानी है आज की,क्योंकि?इक और दिन ज़िंदगी जो रह गयी, आज तड़के …

क़िस्से !!!

इक ज़माने का ज़िक्र छिड़ा,यादों का कारवां चल पड़ा,बीते लम्हों के यादगार पल,ढेरों हैं, ढेरों का सुरूर छाया, कुछ बड़े कुछ हैं छोटे किस्से,हां सही …