मनु शरद

ज़िंदगी की सरजमीं पर...

मनु शरद

ग़ुलाम आज़ादी के परे!!!

कैनवास पे रंगों के छींटे यूं हैं उड़ेले,के ज़िंदगी ने कहा चलो इनमें रंग भरें, आबशारों को देख रहे उल्टे पड़े हुए,लगे के जैसे आसमां …

कहानी!!!

लगातार सिलसिलेवार कहानी,सिलवटें लगी शानदार कहानी,बुर्राख़ क़मीज़ जानदार कहानी,लगता ये है ईमानदार कहानी, गरेबां झांकती पहरेदार कहानी,करिश्मे दिखाती उम्रदार कहानी,हर रोज़ मांजती चमकदार कहानी,देखो है …

बरसे फाल्गुन फुहार!!!

ना बरसे फाल्गुन फुहार,बिखरे ना हीं रंग बौछार,ना गाये होरी मेघ मल्हार,बिनती करे हैं कन्हैया से,तुम्हरी राधा तुम्हरा इंतजार,औ मन ही मन बैठी हैं ठान… …

ख़ुद से मुहब्बत कीजिये!!!

बोलने से पहले, तीखा चखा कीजिये,चिकनाई हटेगी ज़ुबां से, मज़ा लीजिये, अनर्गल कभी कभी बड़बड़ा लीजिये,ज़हन पे ज़ोर मगर, आने ना दीजिये, ख़ुद को परेशाँ …

दो जून की रोटी!!!

ख़ुद पे ना गुज़रे, मुश्क़िल है समझ पाना,हैं हज़ारों जिन्हें मयस्सर नहीं इक दो दाना, नहीं हासिल, जिसे अच्छा कहे ज़माना,है मुफ़लिसी वो दाग़, मुश्क़िल …

धौकनी!!!

धड़कनें बेचैन और मैं हूं ख़ामोश खड़ा,बेवजह की उलझनों को हूं सुलझा रहा, हैं क्या कुछ ऐसा के जिससे हूं डरा डरा,भूचाल है मेरे अंदर, …

मानता नहीं मन है!!!

ये बात मानता नहीं मेरा मन है,के बेइंतेहा गहरा अकेलापन है, शाख़ें जिस्म की लगी हैं सूखने,यूं दूर अभी पतझड़ का मौसम है, नींद को …

अग़रचे ये बात होती!!!

अग़रचे ये बात होती,दिन में ग़र रात होती,तो रात कभी ना सोती,जो रात कभी ना सोती,वो रात रात ना होती,जब रात रात ना होती,बातों की …