सच झूठ!!!
कितने ही सच, झूठे देखे,बिखरे बिखरे से टूटे देखे,किसी को क्या पता था,किसी ने ख़्वाब सुनहरे देखे… कुछ सच्चे लोग, झूठे देखे,फ़रेबी नहीं थे, फ़रेब …
कितने ही सच, झूठे देखे,बिखरे बिखरे से टूटे देखे,किसी को क्या पता था,किसी ने ख़्वाब सुनहरे देखे… कुछ सच्चे लोग, झूठे देखे,फ़रेबी नहीं थे, फ़रेब …
छवि जो बन जाती है बचपन में,उम्र भर वो चलती है संग संग में, मालूम होता नहीं हमें बचपन में,हवाला दिया जाता है पचपन में, …
ज़िंदगी गुज़र रही अब ग़म में तेरे,घाव भी हुए थे क़ाफ़ी गहरे गहरे, जब साथ थे तो ग़म थे साथ के,अलग हुए तो जाना, बिन …
धुआँ धुआँ सा है ख़यालों के दरमियाँ,साफ़ साफ़ देखने का तरीक़ा है क्या? ग़र्द उड़ उड़ के जम रही है ख़यालों पे,हटाने का उसको, मिलता …
लग रहा था ऐसा,जा रहा था जला,अंदर ही अंदर… कुछ था भी ऐसा,कि पता ना चला,उबल रहा बवंडर… मनजला मनचला,दिल को गया बना,खंडहर ही खंडहर… …
ये डेटा जिसने देखा वो ग्रेट हो गया,ये डेटा जो दिखा दे वो सच हो गया, बिन डेटा के बेटा अजी कुछ ना हुआ,जब हो …
आसमां से गहरी समंदर से ऊंची,हाय, ये परेशानियां हैं कैसी कैसी, कहीं सुलझी हुई कहीं मसनुई सी,सीधी उलझी सुबहें अच्छी लगती, उसने कहा ज़मीं तौल …
हम उस नस्ल के बंदे हैं,उस फ़सल के नुमाइंदे हैं,जो बस ये सुन के बड़े हुये,थे, अब गुज़रे क़िस्से हैं, हमने ना देखा बापू को,हमने …
ख़यालों का इक टुकड़ा,क़ैफ़ियत से आ जुड़ा,और ना जाने कब से,बेचैनी है पैदा कर रहा, कोई दे दे वक़्त ज़रा,अंदर तक सोचने का,इधर काफ़ी वक़्त …
दो बछड़े,इक आदम का,इक गाय का, बोलो क्या खायेगा? इक खायेगा,दूध मलाई भर भर,दूजे ने खाया,चारा भूसा चर चर, बोलो कहां जायेगा? इक जायेगा,शहर पहाड़ …