मायूस कुन बातें!!!
ज़िंदगी ज़रा देर जो बैठी सुस्ताने,लगी उठने तो पैर लगे कँपकपाने, उसने भरोसा दिलाया इत्मिनान से,कराहना छोड़ कर लगी मुस्कुराने, यक़ीं पर गर्द जल्द बैठ …
ज़िंदगी ज़रा देर जो बैठी सुस्ताने,लगी उठने तो पैर लगे कँपकपाने, उसने भरोसा दिलाया इत्मिनान से,कराहना छोड़ कर लगी मुस्कुराने, यक़ीं पर गर्द जल्द बैठ …
जिंदगी ब्याज पे और प्याज पे चलती है,छौंके साथ में लौकी आलू मेथी बनती है, आलू रोजमर्रा की दिनचर्या की सब्जी है,बाकी सब्जियां उसी में …
ख़बर है ये, कि ये ख़बर है ख़ास,वक़्त हो बुरा, क्या कीजिये जनाब,कैसे चले पता कि वक़्त है ख़राब,वक़्त के तो होते नहीं कोई जज़्बात, …
रावण ने लिये कई अवतार,पर इस युग में पहली बार,घर के काम की थी दरकार,सरकारी दफ़्तर से इस बार… इक तो था वो सरकारी दफ़्तर,उसपे …
यहां आदम के मिले हैं अंडे,यहां आदम अंडे से निकले,यहां के बहुत बड़े बड़े फंडे,ना छुट्टी ही मनाई ना संडे, ये सिलसिले चले सदियों तक,फिर …