लखनऊ : शान अवध की!!!
यहां इमारतें हैं बोलती,यहां शरारतें हैं डोलती,यहां सूरतें हैं चहकती,यहां मुहब्बतें हैं महकती, हां, ये शान है लखनऊ की, फ़लसफ़िये हैं हर गलीजिन्हें ज़िंदगी खड़ी …
यहां इमारतें हैं बोलती,यहां शरारतें हैं डोलती,यहां सूरतें हैं चहकती,यहां मुहब्बतें हैं महकती, हां, ये शान है लखनऊ की, फ़लसफ़िये हैं हर गलीजिन्हें ज़िंदगी खड़ी …
वो जो हममें तुममें ख़ास था,वो क्या बस कोई रिवाज़ था, ना कोई रिश्ता ना ताल्लुक़ात,क्या जानिए वो क्यों नाराज़ था, चाहा था बस अहसास …
परिंदों के आसमां में,उड़ता इक परिंदा,इक इक जोड़ता,तिनका तिनका,ऊंचे दरख़्त पर,बना रहा आशियां,जहां से है दिखता,आसमां, कहकशां,और ढेरों तारों का,झुरमुट बन जाना,हौले हौले टिमटिमाना… ऊंचे …
ऊपरवाला हम सब का इक है,लेकिन हमारा सबमें सर्वश्रेष्ठ है, कैसी विडंबना ये कैसा उत्तेज है,ज़रा सी बात बवंडर बना तेज़ है, सबका तरीक़ा मुख़्तलिफ़ …
इक रहिन घोंघा, भई इक रहिन घोंघा,वही जिनहिं की पीठ पै शंख रहा उभरा, बात चली के का कारज्यक्रम आज का,बोलै हलुवा पूड़ी संग बस …
क्या बताऊँ तुझे,कैसे बताऊँ तुझे,के हर बार उस पार,लगती वहां नुमाइशें,पूरी होती फरमाइशें, चल ले चलूं तुझे,के हर पल यूं लगे,के जाना है उस पार,आते …
ख़्वाबों को ज़रा सजा कर रखिये,बेतरतीब ख़्वाबों से उलझने है बड़ी, दीवार पे टंगे हैं कई ख़्वाब, मगर,ताबीर में उनके, अड़चने हैं खड़ी, जाल बुनती …
यहां आदम के मिले हैं अंडे,यहां आदम अंडे से निकले,यहां के बहुत बड़े बड़े फंडे,ना छुट्टी ही मनाई ना संडे, ये सिलसिले चले सदियों तक,फिर …
ये डेटा जिसने देखा वो ग्रेट हो गया,ये डेटा जो दिखा दे वो सच हो गया, बिन डेटा के बेटा अजी कुछ ना हुआ,जब हो …
और ना डालिए ज़ोर,डोर है बेहद कमज़ोर,बात मनवाने की होड़,मैं हूं मैं का नहीं तोड़,दो दो पांच का जोड़,कोई भी आये मोड़,चाहे जायें दुनिया छोड़,नहीं …