ज़िंदगी की सरजमीं पर...
Manu Sharad

राम!!!

राह चलते चलते हमें राम मिल गये,भाग्य में लिखा था, पहचान ना सके,हमको तो हर दिन ही राम मिलते रहे,आशंकित चित्त ने स्वीकार नहीं किये, …

लखनऊ : शान अवध की!!!

यहां  इमारतें हैं बोलती,यहां  शरारतें हैं डोलती,यहां  सूरतें हैं चहकती,यहां मुहब्बतें हैं महकती, हां, ये शान है लखनऊ की, फ़लसफ़िये हैं हर गलीजिन्हें ज़िंदगी खड़ी …

रिवाज़!!!

वो जो हममें तुममें ख़ास था,वो क्या बस कोई रिवाज़ था, ना कोई रिश्ता ना ताल्लुक़ात,क्या जानिए वो क्यों नाराज़ था, चाहा था बस अहसास …

परिंदों के आसमां में!!!

परिंदों के आसमां में,उड़ता इक परिंदा,इक इक जोड़ता,तिनका तिनका,ऊंचे दरख़्त पर,बना रहा आशियां,जहां से है दिखता,आसमां, कहकशां,और ढेरों तारों का,झुरमुट बन जाना,हौले हौले टिमटिमाना… ऊंचे …